सुरह यासिन कुरान में 36 वां सूरह है ..
सूरह यासिन भी कुरान में एक दिल के रूप में एक सुरा है ...
ऐसे किसी भी पोषक तत्व और फधिलत जो इसे पढ़ते हैं और याद करते हैं ..
चलो एक साथ आते हैं हम इस अद्भुत यासिन सूरह को पढ़ने के प्रसिद्ध qari-qari की सराहना करते हैं ...
यह भी हम इस यासिन सूरह में पाए गए अर्थ और अर्थ की भी सराहना करते हैं ...
सेजियान assalamualaikum ...
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